GENTIANA LUTEA- जेटियाना लुटिया
GENTIANA LUTEA- जेटियाना लुटिया
जेटियाना लुटिया यह जडी बुटी
वाला एक बारहमासी पौधा है इसकी लम्बाई एक से दो
मीटर तक होती है जिसमें भालाकार से
लेकर अण्डाकार की पत्तियॉ होती है जिसकी लम्बाई १० से ३० से0मी0 होती है तथा इसकी
चौडाई ४ से १२ से0मी0 होती है । तथा इसके फूल पीले रंग के होते है यह घास वाले चारागाहों
में उगते है । इसके हर हिस्से में कडवाहट होती है, इसका नाम जेटियन नाम के एक राजा के नाम से लिया गया है जिसने सबसे पहले
इस पौधे की पहचान की एंव इसका उपयोग जडी बूटी के रूप में किया था । इसे ग्रेटयेलो, जेटियाना लुटिया, जेंटियन ,विटररूट ,बिटरवॉर्ट, जेनेसियाना,आदि नामों से भी जाना जाता है इसमें ग्लाईको साईडस ,एमार्जेटिन और जेटि
ओपिक्रिन पाया जाता है । इसका हर हिस्से में कडवाहट होती है , कभी कभी शराब बनाने में
इसका उपयोग किया जाता है । इरानी परम्परागत चिकित्सा में इसका उपयोग मूत्र
प्रतिधारण, मासिकधर्म, यकृत और प्लीहा की शिथिलता में किया जाता है , बिच्छू, पिट वाईपर जैसे जहरीले जानवारों के काटने पर जड का
प्लास्टर करते है चोट और सूजन ,संक्रामित धॉवों को ठीक करने में होता है यह
विषाक्त पदार्थो के विरूध भी एक शक्तिशाली मारक है । भूंख न लगना , पेट की बीमारी, लीवर की बीमारी, यह दवा पाचन तंत्र को
प्रभावित करती है, इससे भूख बढ जाती है, कुछ लोगों का मानना है कि इससे बजन बढाया जा सकता है । होम्योपैथिक
अनुसार इसका उपयोग पाचन समस्याओं , भूंख न लगना, ऑतो में गैस, गैस्ट्रइटिस, दस्त बुखार, उल्टी, बुखार ,हिस्टीरिया, उच्च रक्तचाप, मॉसपेशियों में ऐठन, कै को रोकने , परजीवी कीडो के उपचार में तथा यह मासिक धर्म को
चालू करता है । धॉव और कैंसर के उपचार में इसको त्वचा पर लगाया जाता है । इसका
साईनोसाईटिस के लक्षणों के उपचार में भी किया जाता है जेटियाना में एक ऐसा रसायन
होता है जो रक्त वाहिकाओं को पतला कर सकता है ।
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